42 सालों बाद हो रही है ग्राम संकरोड़ी में भव्य और दिव्या रामलीला का मंचन,

रुद्रप्रयाग : ग्राम संकरोडी पट्टी बच्छणस्यूं में भव्य और दिव्या रामलीला का मंचन हो रहा है जो 22 अक्टूबर से शुभारंभ हो चुका है 1 नवंबर को राजतिलक होगा, रामलीला मंचन की कमेटी और सहयोग करताओ में मुख्य भूमिका निभाने वाले श्री प्रताप सिंह जी जो विगत 65 सालों से रामलीला का मंचन कर रहे हैं कही जगह वो अपनी भूमिक निभा चुके हैं वह मूल रूप से ग्राम झुंडोली के रहने वाले हैं ,और अभी भी जनक के पात्र के रूप में अभिनय कर रहे हैं उन्होंने रामलीला मैं कही पत्रों मैं अभिनय किया है रावण के पात्र में वह बहुत चर्चित रहे ,उनका कहना है कि उन्होंने 15 साल आर्मी में फुटबॉल खेला उसके बाद वह निरंतर रामलीला का मंचन करवा रहे हैं 80 साल के श्री प्रताप सिंह जी आज भी उसी जोश से रामलीला का मंचन और अभिनय करते हैं,उनका कहना है कि भगवान श्री राम की कृपा से वह निरंतर इस कार्य में अपनी भूमिका दे रहे हैं इस बार ग्राम संकरोड़ी में उन्होंने 42 सालों बाद की कड़ी तोड़कर भव्य और दिव्या रामलीला मंचन का आयोजन करने में अपनी भूमिका निभाई ग्राम संकरोड़ी रामलीला कमेटी उनका साधुवाद और धन्यवाद करती है रामलीला कमेटी की अध्यक्ष उपाध्यक्ष सचिव का कहना है कि भगवान ने मनुष्य योनि में अवतरित हो कर मानव कल्याण के लिए मानव जीवन को जिया है उन्होंने समाज को अपने लीलाओं से कही सीख दिए है ,राजा का अपने प्रजा के लिए क्या कर्तव्य होना चाहिए ,भाई भाई का प्रेम कैसा होना चाहिए और अहंकार किस प्रकार मनुष्य का नास करता है, भगवान विष्णु अपने बैकुंड धाम से मानव जीवन को धर्म ओर अधर्म में अंतर बताने के लिए ओर मानव जीवन किस प्रकार जीना चाहिए इस सिख देने के लिए पुरूषोतम श्री राम के रूप में धरती पर अवतार लिया था, उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम की लीलाओं का मंचन इतने लंबे अवधि के बाद हमारे ग्राम में किया जा रहा है जो हम सब ग्राम वासियों के लिए गर्व की बात है और उन्होंने कहा कि भगवान राम के लीलाओं का हमारे इस ग्राम भूमि में होना हमारे लिए संपूर्ण ग्राम वासियों के लिए आशीर्वाद स्वरुप है पुरूषोतम भगवान श्री राम के मानव रूपी जीवन की लीलाओं को अपने जीवन में उतारना ही इस कार्य को सार्थक बनाता है, भगवान की लीलाओं को अपने गांव की भूमि में करना जीवन को धन्य धान्य से भरपूर और पितृ मोक्ष और मानव कल्याण स्वतः निहित हो जाता हैं,
“रामलीला कमेटी संकरोड़ी”

More Stories
बीकेटीसी का पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय न मुख्य सचिव का दगडि करि भेंट, तीर्थाटन कु संभावनाओं ते लेकि करि चर्चा,
भगवान मद्महेश्वर मंदिर के कपाट 18 नवंबर को होंगे बंद
ओंकारेश्वर मंदिर पहुँची बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह डोली