उत्तराखंड 2025 : नई पहलें, विकास योजनाएं और सरकार की ताज़ा घोषणाएं

उत्तराखंड 2025 : नई पहलें, विकास योजनाएं और सरकार की ताज़ा घोषणाएं

देहरादून, नवम्बर 2025:

उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2025 में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कई नई योजनाओं और नीतियों की घोषणा की है। इन योजनाओं का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना, युवाओं को रोजगार देना, किसानों की आय दोगुनी करना और बुनियादी ढांचे को मज़बूत बनाना है।

1. पर्यटन को नया आयाम

सरकार ने “उत्तराखंड पर्यटन मिशन 2025” की शुरुआत की है। इसके तहत चारधाम यात्रा मार्गों का आधुनिकीकरण, होमस्टे योजना का विस्तार और नए एडवेंचर स्पॉट विकसित किए जा रहे हैं।

नई ट्रैकिंग रूट्स की पहचान की गई है।

स्थानीय युवाओं को “पर्यटन मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

फिल्म नीति 2025 के अंतर्गत उत्तराखंड को शूटिंग हब बनाया जा रहा है।

2. कृषि और ग्रामीण विकास

राज्य सरकार ने किसानों के लिए “स्मार्ट फार्मिंग योजना” शुरू की है।

ड्रोन से फसल निगरानी और सिंचाई की सुविधा।

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी।

हर जिले में “किसान ज्ञान केंद्र” स्थापित करने की घोषणा।

3. शिक्षा और युवा रोजगार

मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना 2025 के तहत:

युवाओं को डिजिटल स्किल और स्टार्टअप ट्रेनिंग दी जा रही है।

राज्य के कॉलेजों में “ई-लर्निंग हब” बनाए जा रहे हैं।

बेरोजगार युवाओं के लिए ऑनलाइन रोजगार पोर्टल लॉन्च किया गया है।

4. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

स्वास्थ्य विभाग ने “उत्तराखंड हेल्थ मिशन 2025” की घोषणा की है।

हर ब्लॉक में एक मिनी-हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा।

मोबाइल हेल्थ यूनिट्स से पहाड़ी क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान।

5. ऊर्जा और पर्यावरण

उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक राज्य पूरी तरह ग्रीन एनर्जी स्टेट बन जाए।

जलविद्युत और सौर ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश।

जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए नई नीति।

6. आधारभूत संरचना और सड़क विकास

“कनेक्टेड उत्तराखंड प्रोजेक्ट 2025” के तहत:

चारधाम ऑल वेदर रोड का अंतिम चरण पूरा किया जा रहा है।

देहरादून से पिथौरागढ़ तक एक्सप्रेसवे की योजना पर काम जारी है।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का विस्तार नैनीताल और हरिद्वार तक।

वर्ष 2025 उत्तराखंड के लिए परिवर्तन का वर्ष माना जा रहा है। सरकार की नई नीतियाँ और योजनाएँ राज्य को “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” की दिशा में ले जा रही हैं। पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे सुधार आने वाले वर्षों में राज्य की तस्वीर बदल सकते हैं।