नंदा देवी राज जात के वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव
मसूरी, बहुभाषाविद्, शिक्षाविद् व समाजसेवी धर्म सिंह फरस्वॉण की दूरदर्शी, दूरगामी बहुउददेशीय व सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय सोच को लेकर मॉ नंदा देवी राज जात के एवं अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री निर्माण हेतु उत्तराखंड सरकार को प्रस्ताव भेजा। उनका कहना है कि इस दिव्य महायात्रा का आयोजन वैश्विक मानकों के अनुरूप भव्य, सुव्यवस्थित एवं दूरदर्शी योजना के साथ किया जाना चाहिए, ताकि इसकी आध्यात्मिक गरिमा, सांस्कृतिक वैभव और हिमालयी परंपराओं की विशिष्टता विश्व समुदाय के समक्ष प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत हो सके।
सेंट जार्ज कालेज के शिक्षक रहे बहु भाषा एवं शिक्षाविद, धर्म सिंह फरस्वांण ने बताया कि नंदा देवी राजजात के लिए विभिन्न देशों के दूतावासों, अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों, विश्व के प्रमुख समाचार चौनलों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को औपचारिक आमंत्रण भेजा जाए। साथ ही साथ इस यात्रा पर डॉक्यूमेंट्री निर्माण करें, तो उत्तराखंड की बोली-भाषा, संस्कृति, खान-पान, पर्यटन स्थलों एवं प्राकृतिक धरोहर का व्यापक वैश्विक प्रचार संभव होगा। यात्रा की झलक विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में तैयार कर डिजिटल एवं प्रसारण माध्यमों से साझा की जाए। प्रदेश की पर्यटन गाइड बहुभाषीय रूप में प्रकाशित कर वैश्विक दर्शकों तक पहुँच बनाई जाए। उत्तराखंड की जड़ी-बूटियों, वन-संपदा, लोकसंस्कृति, पर्वतीय कृषि, जल-स्रोतों एवं हिमालयी जैव विविधता पर अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं को प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाए। इसके दूरगामी उददेश्यों से प्रदेश ही नही देश में नए रोजगार अवसरों का सृजन संभव है। अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। रिवर्स पलायन को प्रोत्साहन मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के लिए हो रहे पलायन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सुसंगठित प्रबंधन, आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए यदि इस आयोजन को रूपायित किया जाए, तो यह न केवल उत्तराखंड बल्कि संपूर्ण भारत की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को वैश्विक मंच पर नई ऊँचाई प्रदान कर सकता है। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, दून विश्वविद्यालय तथा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सहित अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से शैक्षिक उत्तराखंड की जड़ी-बूटियों, वन-संपदा, लोकसंस्कृति, पर्वतीय कृषि, जल-स्रोतों एवं हिमालयी जैव विविधता पर अंतरराष्ट्रीय शोध को प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएँ। हमें पर्यटन एवं पारंपरिक ज्ञान पर संयुक्त परियोजनाएँ चलाने की अतिआवश्कता है। मां नंदा देवी की विश्व प्रसिद्ध यात्रा नंदा नगर के कुरूड गॉव से ़प्रारम्भ होती है। मां नंदा देवी राजजात, जिसे ‘हिमालयी महाकुंभ’ के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त है, आस्था, संस्कृति, लोकपरंपरा और प्रकृति का अनुपम संगम है। यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। ऐशिया की सबसे लम्बी पैदल धार्मिक यात्रा होती है। धर्म सिंह फरस्वॉण व बीएन पुरोहित, पूर्व राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी से अनुरोध किया कि मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महेंद्र भटट को वार्ता करने की प्रयास करें। इसके बाद इस प्रस्ताव को मॉ भगवती के पुजारी अशोक गौड़, धर्म सिंह फरस्वॉण , सुरजीत सिंह व सेवानिर्वित कर्नल हरेन्द्र सिंह रावत ने इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के साथ विचार के लिए थराली विधानसभा के विद्यायक भोपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नोटियाल से भी अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव को मुख्य मंत्री तक पहुॅचाने में सहयोग करें।

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