बारिश ने खोली सड़कों की गुणवत्ता की पोल, गड्ढे बने दुर्घटना का कारण
-लोनिवि और नगरपालिका के मरम्मत कार्य एक बारिश में ही उखड़े, वाहन चालकों को हो रही परेशानी
मसूरी, बरसात के बाद पर्यटन नगरी मसूरी की सड़कों की हालत बदहाल हो गई है। लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका की ओर से कराए गए मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। कई स्थानों पर सड़क पर डाला गया डामर और भरी गई बजरी पहली ही बारिश में उखड़ गई, जिससे सड़क पर दोबारा गड्ढे बन गए हैं। ये गड्ढे अब वाहन चालकों, विशेषकर दुपहिया वाहन सवारों के लिए दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। मसूरी की प्रमुख सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। पहले बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत कराने की बात कही गई थी, लेकिन सड़क की स्थिति लगातार खराब होने के कारण लोक निर्माण विभाग ने गत दिवस पिक्चर पैलेस से मैसानिक लॉज होते हुए किंक्रेग तक सड़क पर बने गड्ढों को भरने का कार्य किया। स्थानीय लोगों के अनुसार मरम्मत कार्य की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण एक ही बारिश में सड़क पर डाली गई बजरी और डामर उखड़ गया। इसके बाद सड़क पर फिर से गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी के साथ ही दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
मसूरी निवासी पीएस पटवाल ने कहा कि एक दिन में ही सड़क पर डाला गया डामर उखड़ जाना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह किए गए कार्य से जनता के धन का दुरुपयोग होता है। सड़क की मरम्मत में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, नगर पालिका क्षेत्र की कई सड़कों की स्थिति भी बारिश के बाद खराब हो गई है। पालिका की ओर से कुछ स्थानों पर गड्ढों की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया, लेकिन बारिश के कारण मरम्मत के बाद सड़क की स्थिति दोबारा खराब हो गई।
लंढौर गुरुद्वारा चैक पर भी गत दिवस सड़क के गड्ढों को सीमेंट और बजरी से भरने का कार्य किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश होने के बाद मरम्मत कार्य टिक नहीं पाया और गड्ढों में कीचड़ जमा हो गया। कई स्थानों पर गड्ढे फिर से पहले जैसी स्थिति में पहुंच गए हैं। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय निवासी सुनील पंवार ने कहा कि गुरुद्वारा चैक पर पालिका की ओर से गड्ढों में सीमेंट और बजरी भरी गई थी, लेकिन यह कार्य एक बारिश भी नहीं झेल पाया। उन्होंने कहा कि पूरी बरसात लोगों ने परेशानी झेली, ऐसे में कुछ दिन और इंतजार कर मरम्मत कार्य कराया जाता तो संभवतः काम बेहतर तरीके से हो सकता था। उन्होंने कहा कि जब मौसम विभाग की ओर से लगातार बारिश के पूर्वानुमान जारी किए जा रहे हैं, ऐसे समय में सड़क की मरम्मत का कार्य कराने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका से सड़कों की मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान रखने तथा प्रमुख मार्गों पर बने गड्ढों को स्थायी रूप से ठीक कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

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