सिलक्यारा सुरंग में फिर गिरा मलबा, पोलगांव-बड़कोट छोर से डेढ़ किमी अंदर भूस्खलन
उत्तरकाशी। चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में सोमवार को एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई। सुरंग के पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा गिरने की सूचना है। घटना के बाद सुरंग के अंदर मलबा फैल गया, जिससे निर्माणाधीन सुरंग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, निर्माण कंपनी ने स्थिति को लेकर किसी बड़े खतरे से इनकार किया है। कंपनी के अनुसार, सुरंग के अंदर करीब 1300 मीटर की दूरी पर कुछ मलबा गिरा है और उसे हटाने का काम किया जा रहा है।
सुरंग में मलबा गिरने से बढ़ी चिंता
सोमवार को सुरंग के अंदर भूस्खलन की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई। सुरंग के पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा गिरने की बात सामने आई है।
निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राम ने बताया कि करीब 1300 मीटर अंदर कुछ मलबा गिरा है, जिसे बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्थिति को चिंताजनक नहीं बताया।
2023 में फंसे थे 41 श्रमिक
सिलक्यारा सुरंग पहले भी बड़े हादसे के कारण देशभर में चर्चा में आ चुकी है। वर्ष 2023 में सुरंग के सिलक्यारा छोर से करीब 200 मीटर अंदर भारी भूस्खलन हुआ था। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे 41 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे।
लगातार 17 दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उस हादसे के बाद सुरंग की सुरक्षा और निर्माण तकनीक को लेकर कई सवाल उठे थे।
4.5 किलोमीटर लंबी है सुरंग
सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। इसे वर्ष 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका।
वर्ष 2024 में सुरंग को सफलतापूर्वक आर-पार किया गया। वर्तमान में सुरंग का करीब 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है।
निर्माण कार्य को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 4.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग उत्तराखंड की सबसे लंबी निर्माणाधीन सड़क सुरंगों में शामिल है।
निर्माण कंपनी ने खतरे से किया इनकार
निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राम के अनुसार, निर्माणाधीन सुरंग में समय-समय पर मलबा गिरता रहता है। सोमवार को भी गिरे मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है।
फिलहाल कंपनी ने किसी बड़े खतरे या चिंताजनक स्थिति से इनकार किया है। हालांकि, वर्ष 2023 की घटना को देखते हुए सुरंग के अंदर सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मुख्य बिंदु
– पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब 1.5 किमी अंदर मलबा गिरा।
– करीब 1300 मीटर अंदर मलबा गिरने की जानकारी।
– निर्माण कंपनी ने बड़े खतरे से किया इनकार।
– वर्ष 2023 में 41 श्रमिक सुरंग में फंसे थे।
– करीब 90% सिविल कार्य पूरा होने का दावा।
– मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य।- सुरंग की लंबाई करीब 4.5 किमी है।

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