केंद्रीय विद्यालय एच.बी.के. नंबर 1 में शिक्षक दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान समारोह, 30 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया सम्मानित

देहरादून।

केंद्रीय विद्यालय एच.बी.के. नंबर 1 एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर एक भव्य, भावुक और यादगार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के इतिहास में पहली बार 30 से अधिक वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षकों को एक ही मंच पर सम्मानित किया गया।

एलुमनाई एसोसिएशन की इस पहल ने पुराने छात्रों और उनके गुरुजनों के बीच भावनात्मक रिश्ते को एक बार फिर जीवंत कर दिया। समारोह के दौरान विद्यालय के पूर्व शिक्षक, पूर्व छात्र और वर्तमान विद्यार्थी एक साथ नजर आए।

6. 93 वर्षीय जे.पी. सिंह बने कार्यक्रम के प्रेरणास्रोत

समारोह के मुख्य आकर्षण विद्यालय के वरिष्ठ और आदरणीय शिक्षक रहे। 93 वर्षीय जे.पी. सिंह कार्यक्रम में सबसे बुजुर्ग शिक्षक के रूप में शामिल हुए।

उन्होंने पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद दिया। उनकी उपस्थिति ने समारोह में विशेष ऊर्जा और भावनात्मक वातावरण पैदा कर दिया।

7. 89 वर्षीय सजवाण सर ने दिखाया जज्बा

बी.एस. सजवाण (89 वर्ष) भी समारोह में विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अद्भुत इच्छाशक्ति का परिचय दिया और स्वयं कार चलाकर विद्यालय परिसर पहुंचे।

सजवाण सर ने मंच से अपने विचार साझा किए और पूर्व छात्रों, वर्तमान विद्यार्थियों तथा साथी शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। उनका आत्मविश्वास और ऊर्जा समारोह में मौजूद सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक रही।

8. सम्मान पाकर भावुक हुए गुरुजन

एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्क्रॉल ऑफ ऑनर और सम्मान पत्र प्रदान किए गए।

अपने पुराने छात्रों से मिले इस सम्मान और आदर को देखकर कई वरिष्ठ शिक्षक भावुक हो गए। समारोह का माहौल उस समय बेहद भावुक हो गया, जब गुरुजनों ने अपने पुराने विद्यार्थियों को सफल और संस्कारी देखकर इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।

9. आयोजन में इनकी रही अहम भूमिका

इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में केंद्रीय विद्यालय एच.बी.के. नंबर 1 के प्रधानाचार्य मयंक शर्मा का प्रशासनिक सहयोग महत्वपूर्ण रहा।

वहीं, एलुमनाई एसोसिएशन के महासचिव प्रबोध ममगाईं और उनकी कोर कार्यकारी समिति के सदस्यों भगत दर्शन, कर्नल अमरदीप, ग्रुप कैप्टन रमेश त्रिपाठी और राकेश बडोला ने आयोजन की व्यवस्थाओं को संभाला।

वरिष्ठ शिक्षकों के लिए पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था से लेकर कार्यक्रम के संचालन तक, टीम ने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया।

10. गुरु-शिष्य परंपरा की दिखी अनूठी मिसाल

शिक्षक दिवस के इस आयोजन ने गुरु और शिष्य के बीच वर्षों पुराने रिश्ते की खूबसूरत मिसाल पेश की। सेवानिवृत्त शिक्षकों और उनके पूर्व विद्यार्थियों का एक मंच पर मिलना न केवल भावुक पल रहा, बल्कि नई पीढ़ी के लिए भी गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश देने वाला रहा।

एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि संस्था विद्यालय और अपने गुरुजनों की सेवा के लिए निरंतर सक्रिय रहेगी।