मुख्यमंत्री धामी बोले- महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार समर्पित

मुख्यमंत्री धामी बोले- महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार समर्पित

तेरहगांव, देहरादून में खुलेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र; मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल में लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के अंतर्गत आयोजित चैपाल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देहरादून के तेरहगांव, निकट आई.टी. पार्क में प्रदेश के सभी जनपदों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री एवं विपणन के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गांव अब प्रदेश के विकास में सहभागी बनने के साथ-साथ आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों में हुनर और कुछ नया करने की क्षमता है। जरूरत केवल उनके हुनर को सही दिशा, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की है।

रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का युवा केवल रोजगार मांगने वाला न बने, बल्कि रोजगार देने वाला बने। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने में सहायता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

3 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश में 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। वहीं, 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं।

उत्तराखंड की महिलाएं पहाड़ी मसालों, मंडुवा, झंगोरा, दालों, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पादों और स्थानीय कला को व्यवसाय का रूप देकर अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गांवों के उत्पादों को देश के बड़े शहरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इसी दिशा में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ नामक अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्र को उत्तराखंड में धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीण उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पलायन को रोकना भी है। सरकार चाहती है कि युवाओं को रोजगार की तलाश में अपना गांव छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने कहा कि गांव मजबूत होगा तो उत्तराखंड मजबूत होगा।

सभी 13 जिलों में आयोजित होंगी उद्यमशाला चौपाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जनपदों में ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल’ आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना है।

योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रचार वैन भी भेजी जा रही हैं, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उद्यमिता और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी पहुंच सके।

लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तैयार पुस्तक और वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया गया।

इसके साथ ही एकीकृत कृषि क्लस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल, शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल तथा महिलाओं एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन से संबंधित मॉड्यूल का भी लोकार्पण किया गया।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ और सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।